मुझको फँसा ले या फँस जा
झंडू गाने – 7
आज झंडू खानदान सबसे रोशन चश्मो-चिरागों में से एक लाया हूँ आपके लिए। अभी-अभी सुना है और सुनकर चार्ज हो गया हूँ।
जिस तरह सिनेमा में समांतर सिनेमा का एक आंदोलन चला था जो realistic तरीका था कहानी कहने का, आम जीवन को जस का तस रख देने का। वैसे ही ये संगीत की दुनिया का आंदोलन था जिसमें भारी-भरकम शब्दों का वज़न ढोने की बजाय; जैसे आम आदमी, आम तौर पर, आम बातें करता है, वैसे ही प्यार-मोहब्बत को भी निपटाया गया है। अफ़सोस कि इस आंदोलन को कभी वो स्थान नहीं मिल पाया, जो मिलना चाहिए था। अरे भाई, एक आम छपरी आदमी, और हमारे देश में बहुसंख्य आबादी छपरी ही है चाहे सूट पहनती हो। तो इस आम आदमी को लड़की से अपनी भावनाओं का इज़हार करना है तो अब क्या ये कहे कि – “दूरी न रहे कोई आज इतने करीब आओ, मैं तुम में समा जाऊँ, तुम मुझमें समा जाओ”। आपने सुना है सड़क पर ऐसे किसी को बात करते हुए, कि आदमी साबुन लेने जाये और कहे कि “जनाब, वो आयताकार टिकिया दे दो जिससे कपड़े उज्ज्वल किए जाते हैं”, इंदोरी आदमी सीधे कहेगा, “ओ भिया, वो बुलु वाला साबुन दे दो कपड़े धोने का और एक पाउच सरफ़ बी रख देना साथ मेई”।
तो ऐसा ही प्यारा सा गाना है ये जिसमें हमारे आसपास का लाल कमीज़ और पीली पतलून पहनने वाला पिंटू चटक लाल ड्रेस पहनने वाली पिंकी से कह रहा है कि –
“तू मेरे दिल में बस जा, मुझको फँसा ले या फँस जा”
आप गौर करिए जब आपके आसपास लोग किसी के प्रेम संबंध की बातें करते हैं तो यही एक लाइन कहते हैं - "वो उससे फंसी है या फ़ँसा है।"
देखा जाए तो ये भारतीय पुरुष का प्रतिनिधि है जो 13 साल की उम्र से लड़की फ़ँसाने के जाल में जो फंसता है तो जीवन पर्यंत निकल नहीं पाता।
और जवाब में पिंकी कह रही है –
“सावन की लिख दे कहानी, प्यासी है मेरी जवानी
क्या सोचता है बरस जा, मुझको फँसा ले या फँस जा”
आपने देखा ही होगा कि लड़कियाँ ज़्यादा होशियारी झाड़ती हैं, यही बात इस गीत में ज़ाहिर की गई है बड़े ही खूबसूरत तरीके से। लड़का तो एक लाइन में टु दी पॉइंट अपनी बात कह रहा है पर लड़की पढ़ी-लिखी होने की होशियारी झाड़ती है पहली लाइन में और सस्ती शायरी करने की कोशिश करती है जब कहती है “सावन की लिख दे कहानी”, फिर इसके आगे सूझता नहीं तो फिर थोड़ा डाइरैक्ट होती है “प्यासी है मेरी जवानी”, और फिर अपनी वाली पे आ जाती है “क्या सोचता है बरस जा, मुझको फँसा ले या फँस जा”। और इसके पीछे अनु मलिक साहब ने जो बाजे बजाए हैं वो भी भारतीय सास्त्रीय संगीत का परिचय देते हैं। पहले तो हारमोनियम बजाया और फिर ऐसी डुगडुगी बजाई है जिससे भक्ति का भी फील आता है, जैसे मंदिर में झांझ बज रही हो। और धरम तो हमारे प्राण हैं, हम फँसने-फँसाने की बात भी करें तो धरम बीच में रखते ही हैं, उसकी जुगाली नहीं छोडते।
आप अंतरा पढ़िये –
चिकनी है चाहत की राहें, उसपे ये चिकनी निगाहें
चिकनी है चाहत की राहें, उसपे ये चिकनी निगाहें
आप अलंकार देखिये, अहा! अद्भुत है। जैसे आपने बचपन में सुना होगा “चंदू के चाचा ने चंदू की चाची को....”, उसी च का नवीन प्रयोग, मन को आल्हादित कर देता है। दिल “whom whom” करने लगता है। और फिर नायक बड़े ही शानदार तरीके से फिर लैंड करता है -
“क्या सोचती है फिसल जा, मुझको फँसा ले या फँस जा”
देखा, क्या ट्विस्ट दिया है? चिकनी है चाहत की राहें से लगा था कि इश्क़ की मुश्किलात का बयान होगा लेकिन सच्चा मर्द वही जो मछली की आँख न छोड़े, तो आदमी फिर वहीं आ गया कि चिकनी है, पर फिसल जा और फिसल के फँस जा।
भारतीय लोग खाने-पीने और उसमें भी मसालों के शौकीन तो होते ही हैं –
“नमकीन है तुझको चख लूँ, होंठों पे अपने मैं रख लूँ”
ज़मीन से और पेट से जुड़ी पंक्तियाँ। अप्रतिम!
और फिर आप खूबसूरती देखिये कविता की और दाद दीजिएगा –
“फँस जाएगी जा के छुप जा,
मुझको फँसा ले या फँस जा”
इतनी विरोधाभासी बातों को इस तरह गीत में पिरोना, वल्लाह जान निकाल देता है। पहले कह रहा है फँस जाएगी, छुप जा और फिर कह रहा है फँस जा। आप फिर से पढ़िये मैंने ऊपर यही अर्ज़ किया है, कि आदमी अपना लक्ष्य नहीं भूल रहा है। देखा जाये तो कितना दर्द छुपा है इसमें कि लड़का कह रहा है छुप जा और फिर कह रहा है फँस जा, कितनी करवटें एक-एक पल में ले रहा है उसका दिल और उसे कितनी तकलीफ है, उफ़्फ़!
ये तकलीफ नृत्य निर्देशक ने बखूबी समझी और इस दर्द की अभिव्यक्ति अजीब-अजीब सी हरकतों से करवाई है गीत में। आप देखेंगे तो आँखों से आँसू निकल जाएँगे। बशर्ते कि आप उतने संवेदनशील हों, वरना तो लोग दूसरों के दुख का भी मज़ा लेने लगते हैं, और इस गीत को तो ऐसा ही समझते आए हैं लोग। मर्म कभी समझा ही नहीं ☹
अब समय आ गया है कि इन गीतों का दर्द समझा जाये।
अरे मैं बताना भूल ही गया, ये फिल्म “जुड़वाँ” का गीत है जिसे महान शायर “देव कोहली” साहब ने लिखा था और इसे कुमार सानू और पूर्णिमा ने गाया था।
#jhandusongs #jhandugaane #judwa #salmankhan #karishmakapoor #kumarsanu #poornima #anumalik #judwasongs #salmankhansongs #kumarsanusongs #90ssongs #90smusic

यह जोरदार है
ReplyDelete