लड़की जो करेंट मारती है
झंडू गाने – 2
आज आपको एक और गुम हो चुके झंडू गाने के बारे में बताऊंगा।
लेकिन गीत के बारे में बताने से पहले एक और बात बताऊँ अगर आप हँसें नहीं तो?
मैंने इस गीत पर बचपन में स्टेज पर डांस किया था, गणेश उत्सव में। उस ज़माने में डांस का भूत चढ़ा हुआ था।
फ़िल्म “दिल” के गीत “खंबे जैसी खड़ी है” के बाद से लड़की को छेडने के लिए ऐसे गीत काफ़ी बने थे। ये भी उसी कड़ी का एक गीत है लेकिन इसमें छेड़छाड़ अपने भीडू जग्गू दादा कर रहे हैं। आम तौर पर ऐसे गीत कॉलेज की सिचुएशन पर बनाए जाते थे पर अगर हीरो कॉलेज नहीं जाता हो और उसके अंदर लड़की को इस तरह से छेडने की इच्छा बलवती हो तो?
इसी तो के जवाब में महान गीतकार “आनंद बक्षीजी” ने ये कालजयी गीत लिखा जिसमें खंबे वगैरह को पीछे छोडते हुए अँग्रेजी उपमाओं का सुंदर प्रयोग किया। अँग्रेजी व्याकरण के antonym के सिद्धान्त को यहाँ मुख्यतः प्रयोग किया गया है मुखड़े में जिससे एक अद्भुत कांट्रास्ट पैदा हुआ है, आप ख़ुद देखिये –
“बैक मारती है फरंट मारती है
देखो ये लड़की करंट मारती है”
मतलब आप हिन्दी और अँग्रेजी व्याकरण का अद्भुत मेल देखिये, हिन्दी में उपमाओं का बिलकुल नवीन प्रयोग और अँग्रेजी कविता की तरह फरंट और करंट का उपयोग दिल से आह निकाल देता है। आप गौर करिए कवि ने फ्रंट नहीं लिखा है, फरंट लिखा है जो एक आम भारतीय की ज़बान है और उसी से अपने आप करंट का मेल हो गया है। आगे कवि लिखते हैं –
“लड़की समझ के, इसको न छूना
ये काली नागिन का है नमूना
डंक मारती है, ये डंक मारती है”
यहाँ कवि realistic हो गया है। वो सबको सावधान कर रहा है लेकिन sure नहीं है कि करंट लगेगा या डंक। तो वो हर संभावना से आगाह कर रहा है, पर के बात के बारे में sure है कि ये लड़की तो नहीं है। या तो ये बिजली विभाग की डीपी है या नागन है। नायक और उसके बहुत सारे साथी पूरी बस्ती को नाच-नाच कर ये शिक्षा दे जाते हैं, ताकि सभी सुरक्शित रहें, सावधान रहें।
इस जनहित वाले गीत को संगीतबद्ध किया था महान संगीतकार “अनु मलिक” ने। ये किसी मराठी लोकगीत की धुन मालूम पड़ती है। इसी धुन को हिमेश रेशमिया ने भी फ़िल्म “हैलो ब्रदर” के गीत “चाँदी की डाल पर सोने का मोर” में उपयोग किया था। वो भी हमारी इस श्रेणी का ही गीत है जिसके बारे में कभी विस्तार से बातें करेंगे। इसे गाया था मोहम्मद अज़ीज़ ने, जिनके करियर का वो ढलान था।
फ़िलहाल तो आप इस कालजयी गीत को सुनिए। मैं इसलिए नाचा था कि बीट्स ही ऐसी हैं कि जग्गू दादा भी नाच लिए। और ये कसीदे करिश्मा कपूर के लिए पढे गए हैं जो घाघरा चोली पहले इधर-उधर डोलती रहती है।
अरे फिल्म का नाम बताना तो भूल ही गया – “पुलिस ऑफिसर (1992)”
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